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अध्याय 18: வெஃகாமை

On Virtue Domestic Virtue अध्याय 18

कुरल 176

வெஃகாமை

स्थान 6/10

திருக்குறள்

அருள்வெஃகி ஆற்றின்கண் நின்றான் பொருள்வெஃகிப் பொல்லாத சூழக் கெடும்.

Arulveqki Aatrinkan Nindraan Porulveqkip Pollaadha Soozhak Ketum

“Who seeks for grace on righteous path Suffers by evil covetous wealth”

Though, grace desiring, he in virtue's way stand strong,He's lost who wealth desires, and ponders deeds of wrong

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कुरल #176

सोमू की ईमानदारी की परीक्षा

यह कहानी दर्शाती है कि कैसे लालच एक अच्छे इंसान को गलत रास्ते पर ले जा सकता है, लेकिन सच्चाई का मार्ग ही अंत में शांति देता है। जो व्यक्ति दयालुता के गुण को अपनाने के मार्ग पर चलते हुए, गृहस्थ जीवन में दूसरों की संपत्ति का लालच करता है और उसे पाने के लिए बुरे रास्तों का सहारा लेता है, वह नष्ट हो जाएगा।

6–10 yr 2 min