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अध्याय 46: சிற்றினஞ்சேராமை

On Wealth & Statecraft Kingship अध्याय 46

कुरल 452

சிற்றினஞ்சேராமை

स्थान 2/10

திருக்குறள்

நிலத்தியல்பால் நீர்திரிந் தற்றாகும் மாந்தர்க்கு இனத்தியல்ப தாகும் அறிவு.

Nilaththiyalpaal Neerdhirin Thatraakum Maandharkku Inaththiyalpa Thaakum Arivu

“With soil changes water's taste With mates changes the mental state”

The waters' virtues change with soil through which they flow;As man's companionship so will his wisdom show

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कुरल #452

बदलती धारा

जिस प्रकार पानी मिट्टी के रंग में रंग जाता है, उसी प्रकार मनुष्य का चरित्र उसके साथियों के प्रभाव से बदल जाता है। जिस तरह पानी जिस मिट्टी से बहता है, उसके स्वभाव के अनुसार उसका रूप बदल जाता है, ठीक उसी तरह मनुष्यों का चरित्र भी उनके साथियों के स्वभाव के समान हो जाता है।

6–10 yr 1 min