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अध्याय 81: பழைமை

On Wealth & Statecraft The Limbs of Society अध्याय 81

कुरल 803

பழைமை

स्थान 3/10

திருக்குறள்

பழகிய நட்பெவன் செய்யுங் கெழுதகைமை செய்தாங்கு அமையாக் கடை.

Pazhakiya Natpevan Seyyung Kezhudhakaimai Seydhaangu Amaiyaak Katai

“Of long friendship what is the use Righteous freedom if men refuse?”

When to familiar acts men kind response refuse,What fruit from ancient friendship's use

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कुरल #803

सच्ची मित्रता की पहचान

यह कहानी बताती है कि यदि मित्र एक-दूसरे के सहयोग को अपने अधिकार के रूप में स्वीकार नहीं करते, तो वर्षों पुरानी दोस्ती का कोई अर्थ नहीं रह जाता। यदि मित्र घनिष्ठता के नाते किए गए कार्यों को अपना नहीं मानते, तो लंबे समय की मित्रता का क्या लाभ?

6–10 yr 2 min