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आज की चंद्र अवस्था NilaTales हिन्दी
अध्याय 37: அவாவறுத்தல்

On Virtue Ascetic Virtue अध्याय 37

कुरल 366

அவாவறுத்தல்

स्थान 6/10

திருக்குறள்

அஞ்சுவ தோரும் அறனே ஒருவனை வஞ்சிப்ப தோரும் அவா.

Anjuva Thorum Arane Oruvanai Vanjippa Thorum Avaa

“Dread desire; Virtue is there To every soul desire is snare!”

Desire each soul beguiles;True virtue dreads its wiles

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कुरल #366

कविनी और चमकता लालच

यह कहानी बताती है कि कैसे अनियंत्रित इच्छाएं इंसान को धोखा दे सकती हैं, जो तिरुक्कुरल के संदेश के अनुरूप है। इच्छाओं से सावधान रहना और उनसे डरकर खुद को बचाना एक तपस्वी का मुख्य कर्तव्य है; क्योंकि वे उसे धोखा दे सकती हैं और नष्ट कर सकती हैं।

6–10 yr 2 min