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अध्याय 85: புல்லறிவாண்மை

On Wealth & Statecraft The Limbs of Society अध्याय 85

कुरल 844

புல்லறிவாண்மை

स्थान 4/10

திருக்குறள்

வெண்மை எனப்படுவ தியாதெனின் ஒண்மை உடையம்யாம் என்னும் செருக்கு.

Venmai Enappatuva Thiyaadhenin Onmai Utaiyamyaam Ennum Serukku

“Stupidity is vanity That cries \"We have sagacity\"”

What is stupidity? The arrogance that cries,'Behold, we claim the glory of the wise.'

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कुरल #844

ज्ञान की छाया

कवि का यह मानना कि वह सब कुछ जानता है, तिरुक्कुरल के इस संदेश को दर्शाता है कि अहंकार ही अज्ञानता की पहचान है। स्वयं को बुद्धिमान कहना ही वास्तव में ज्ञान की कमी या अहंकार है।

8–14 yr 2 min