एक सुंदर राज्य में अमारा नाम की राजकुमारी रहती थी। एक दिन बगीचे की एक गुफा में उसे एक चमकता हुआ नीला पत्थर मिला। जैसे ही उसने उस पत्थर को छुआ, वह एक जादुई दुनिया में पहुँच गई।
वहाँ उसकी मुलाकात एलारा नाम की एक वृद्ध महिला से हुई। एलारा दिखने में थोड़ी डरावनी थी, लेकिन उसकी आवाज़ बहुत कोमल थी। अमारा ने घर वापस जाने के लिए मदद माँगी। एलारा ने कहा, "तुम्हें 'तारा फूल' लाना होगा, जिसकी रक्षा एक विशाल पक्षी करता है। तुम पक्षी का ध्यान भटकाओ, मैं फूल ले आऊँगी।"
रास्ते में छोटे जानवरों ने चेतावनी दी, "उस औरत पर भरोसा मत करना!" लेकिन अमारा ने एलारा पर विश्वास किया। जब वे उस विशाल पक्षी के पास पहुँचे, तो अमारा ने एक लंबी लकड़ी ली और पक्षी के सामने नाचने लगी। पक्षी उसे देखने में व्यस्त हो गया और उसी समय एलारा ने फूल लाकर अमारा को दे दिया।
अमारा के वापस जाने से पहले एलारा ने पूछा, "जब सब मुझसे डर रहे थे, तब तुमने मुझ पर भरोसा क्यों किया?" अमारा ने मुस्कुराकर कहा, "हमें किसी के चेहरे को देखकर उसके स्वभाव का अंदाज़ा नहीं लगाना चाहिए। मैंने आपकी आँखों में दया देखी थी।" एलारा बहुत खुश हुई और अमारा को आशीर्वाद देकर विदा किया।
Moral
किसी व्यक्ति को उसके बाहरी रूप से नहीं आंकना चाहिए।