डॉ. एरिस पहाड़ों के बीच एक शांत शोध केंद्र में काम करते थे। एक शाम, जब वे शहर से लौट रहे थे, उनकी कार का एक टायर अचानक पंचर हो गया। सड़क सुनसान थी और आसपास केवल झाड़ियाँ और चट्टानें थीं। डॉ. एरिस ने खुद टायर बदलने का फैसला किया।
जैसे ही उन्होंने पुराना टायर निकाला, पहिए को कसने वाले चार लोहे के बोल्ट हाथ से फिसलकर पास के एक गहरे और संकरे नाले में गिर गए। नाला इतना संकरा था कि बोल्ट निकालना नामुमकिन था। डॉक्टर बहुत परेशान हो गए।
तभी लियो नाम का एक युवक वहां आया, जो उसी शोध केंद्र में रहता था। डॉक्टर की परेशानी देखकर लियो ने कहा, "घबराइए नहीं डॉक्टर, इसका एक उपाय है।"
लियो ने एक योजना सुझाई: "आप बाकी के तीन टायरों में से एक-एक बोल्ट निकाल लीजिए। अब आपके पास कुल चार बोल्ट होंगे। इन चारों बोल्टों का इस्तेमाल करके चारों टायरों में तीन-तीन बोल्ट लगा दीजिए। इससे कार धीरे-धीरे चलने लायक हो जाएगी। थोड़ी दूर पर एक मैकेनिक की दुकान है, वहां से नए बोल्ट खरीदकर हम इसे पूरी तरह ठीक कर लेंगे।"
डॉक्टर दंग रह गए। उन्होंने पूछा, "लियो, तुम इतने बुद्धिमान हो, फिर भी इस केंद्र में क्यों रहते हो?"
लियो मुस्कुराया और बोला, "डॉक्टर, मैं दुनिया को थोड़ा अलग नज़रिए से देखता हूँ, लेकिन मेरा दिमाग बहुत तेज़ चलता है!"
Moral
मुश्किल समय में घबराने के बजाय ठंडे दिमाग से सोचने पर हर समस्या का समाधान मिल जाता है।