कदिर एक बहुत ही ईमानदार और मेहनती व्यक्ति था। एक दिन वह एक बड़ी कंपनी में नौकरी के इंटरव्यू के लिए गया। उसने सभी सवालों के जवाब बहुत ही स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ दिए। इंटरव्यू लेने वाले अधिकारी ने खुश होकर कहा, "हम आपके इंटरव्यू का परिणाम आपके ईमेल पर भेज देंगे। कृपया अपना ईमेल एड्रेस बताएँ।"
कदिर ने विनम्रता से कहा, "सर, मेरे पास कंप्यूटर या ईमेल की सुविधा नहीं है। मैं सीधे लोगों से मिलकर काम करना पसंद करता हूँ।" इंटरव्यू लेने वाला व्यक्ति हँसने लगा और बोला, "आज के इस डिजिटल युग में आपके पास ईमेल भी नहीं है? बिना तकनीक के ज्ञान के हम आपको नौकरी नहीं दे सकते," और उसने कदिर को मना कर दिया।
कदिर निराश नहीं हुआ। उसने अपने पास मौजूद थोड़े से पैसों से कुछ ताज़ी सब्जियाँ खरीदीं और उन्हें गली-गली जाकर बेचना शुरू किया। वह हर दिन अपनी कमाई का एक हिस्सा बचाकर फिर से और सब्जियाँ खरीदने लगा। धीरे-धीरे उसकी मेहनत रंग लाई और सालों बाद, उसकी वह छोटी सी दुकान एक बहुत बड़े सब्जी व्यापार साम्राज्य में बदल गई।
एक बार एक प्रसिद्ध पत्रिका ने उसकी सफलता की कहानी छापने का फैसला किया। पत्रकार ने कहा, "हम लेख को मंजूरी के लिए आपके ईमेल पर भेजेंगे।" कदिर ने उत्तर दिया, "मेरे पास ईमेल नहीं है।" पत्रकार हैरान रह गया और बोला, "सर, अगर उस समय आपके पास ईमेल होता, तो आप शायद और भी जल्दी बहुत ऊँचाइयों पर पहुँच जाते!"
कदिर ने शांति से मुस्कुराते हुए कहा, "हो सकता है। लेकिन अगर मेरे पास ईमेल होता, तो शायद मैं किसी छोटे से दफ्तर में बैठकर कंप्यूटर स्क्रीन ही देखता रहता। ईमेल न होने के कारण ही मुझे लोगों से मिलना पड़ा, उनका भरोसा जीतना पड़ा और जमीनी स्तर पर काम करना पड़ा। इसी वजह से आज मैं यहाँ हूँ।"
Moral
सुविधाओं की कमी को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाओ; मेहनत ही सफलता की कुंजी है।