एक सुनहरी सुबह, नन्ही मिला और उसके माता-पिता दाखिले के लिए ओकवुड प्राइमरी स्कूल पहुँचे। स्कूल बहुत ही सुंदर और रंगीन था। मिला शांत खड़ी थी, लेकिन उसकी आँखों में एक चमक थी।
बातचीत के दौरान, शिक्षिका ने मिला से पूछा, "मिला, क्या तुम अपने बारे में कुछ बताना चाहोगी? तुम्हें क्या करना पसंद है?"
मिला ने कुछ देर सोचा और फिर धीरे से पूछा, "मैम, क्या मैं आपको एक कहानी सुना सकती हूँ?"
शिक्षिका ने मुस्कुराते हुए कहा, "हाँ, बिल्कुल मिला!"
मिला ने अपनी कहानी शुरू की। "एक बार पीप नाम का एक छोटा गिलहरी था। उसे ऊँचे पहाड़ की चोटी पर छिपे सुनहरे अखरोट को पाना था। लेकिन पहाड़ बहुत ऊँचा था। तभी एक बुद्धिमान उल्लू वहाँ आया और पीप को अपनी पीठ पर बैठाकर उड़ने लगा। रास्ते में उन्हें एक दयालु ड्रैगन मिला। ड्रैगन ने अपनी गर्म साँसों से उन्हें ठंड से बचाया और बादलों के बीच से एक गुप्त रास्ता दिखाया। अंत में, पीप को सुनहरा अखरोट मिल गया! बस, यही कहानी थी!"
मिला की कहानी सुनकर कमरे में सन्नाटा छा गया। कुछ माता-पिता को लगा कि यह कहानी थोड़ी अजीब है। लेकिन शिक्षिका मिला की सोचने की क्षमता को देख रही थीं।
शिक्षिका ने मिला के माता-पिता से कहा, "मिला में सूचनाओं को जोड़ने और कल्पना करने की अद्भुत क्षमता है। वह केवल कहानी नहीं सुना रही, बल्कि वह अलग-अलग चीजों को जोड़कर एक नया संसार बना रही है। यदि आप उसे अपनी कल्पना करने की आजादी देंगे, तो वह भविष्य में बहुत आगे जाएगी। उसे इस स्कूल में प्रवेश मिल गया है।"
मिला के चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान आ गई। उसे पता था कि अब उसके सपनों को पंख मिल गए हैं।
Moral
बच्चों की कल्पनाशीलता को बढ़ावा देना उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है।