रघु नाम का एक धनी व्यापारी एक भव्य क्रूज जहाज पर यात्रा कर रहा था। जहाज के डेक पर खड़े होकर उसने देखा कि एक बुजुर्ग व्यक्ति अकेले शांति से समुद्र को देख रहे हैं। रघु ने गौर किया कि पिछले कुछ यात्राओं में भी उसने उसी बुजुर्ग व्यक्ति को इसी तरह अकेले देखा था।
रघु ने जहाज के कर्मचारी से पूछा, "मैंने देखा है कि यह बुजुर्ग व्यक्ति अक्सर अकेले यात्रा करते हैं। क्या उनके साथ कोई नहीं है?"
कर्मचारी ने उत्तर दिया, "हमें नहीं पता साहब, लेकिन वे पिछले कई महीनों से इसी मार्ग पर यात्रा कर रहे हैं।"
रघु ने बुजुर्ग व्यक्ति से बात करने का फैसला किया। "नमस्ते महोदय! मैंने देखा है कि आप अक्सर इसी जहाज पर यात्रा करते हैं। क्या मैं जान सकता हूँ कि आप बार-बार यही सफर क्यों करते हैं?"
बुजुर्ग व्यक्ति मुस्कुराए और बोले, "बेटा, मैं अकेला इसलिए नहीं हूँ कि मुझे साथी चाहिए, बल्कि मैं अपनी सेहत के लिए यह करता हूँ। जब हम बीमार पड़ते हैं, तो अस्पतालों में जो पैसा खर्च होता है, उसकी तुलना में स्वस्थ रहने के लिए किया गया यह खर्च बहुत कम है।
इस जहाज पर मुझे शुद्ध हवा, पौष्टिक भोजन और बहुत ही शांत वातावरण मिलता है। यह मेरे शरीर और मन को तरोताजा रखता है। भविष्य में भारी अस्पताल के खर्चों से बचने के लिए, मैं अभी एक स्वस्थ जीवनशैली पर निवेश कर रहा हूँ।"
रघु को उस दिन एक बड़ी सीख मिली। उसने समझा कि बीमारी का इलाज कराने से कहीं बेहतर है बीमारी को रोकने के लिए स्वस्थ जीवन जीना।
Moral
बीमारी के इलाज पर खर्च करने से बेहतर है, स्वस्थ रहने पर खर्च करना।