एक बड़े शहर में एक नई कपड़ों की दुकान खुली थी। उस शहर के सम्मानित नेता, श्री अरिस, उद्घाटन समारोह में शामिल होने पहुँचे। दुकान के अंदर रंग-बिरंगे और सुंदर कपड़ों को देखकर वह मंत्रमुग्ध हो गए।
अरिस ने एक सुंदर रेशमी कपड़ा उठाया और दुकानदार से उसकी कीमत पूछी। दुकानदार ने कहा, "साहब, इसकी कीमत पाँच सौ रुपये है।"
अरिस ने धीरे से मुस्कुराते हुए कहा, "यह मेरे बजट से बहुत बाहर है। कृपया कुछ सस्ते कपड़े दिखाएं।" दुकानदार ने उन्हें कई महँगे कपड़े दिखाए, लेकिन अरिस अडिग रहे। उन्होंने कहा, "मुझे सौ रुपये से कम कीमत वाले साधारण कपड़े ही दिखाएं।"
यह देखकर दुकान के मालिक को बड़ा आश्चर्य हुआ। वे अरिस के पास आए और बोले, "साहब, आप हमारे शहर के इतने बड़े नेता हैं। आपको सबसे अच्छा मिलना चाहिए। आप जो चाहें ले लीजिए, मैं आपको यह उपहार में दूँगा। आपको पैसे की चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।"
अरिस ने बहुत ही शांत भाव से उत्तर दिया, "आपकी उदारता के लिए धन्यवाद। लेकिन एक नेता को वही जीवन जीना चाहिए जो उसके लोग जीते हैं। यदि मैं वही विलासिता अपनाऊँगा जो एक आम आदमी नहीं अपना सकता, तो मैं उनका नेतृत्व करने का अधिकार खो दूँगा। ईमानदारी और सादगी ही समाज की उन्नति का मार्ग है।"
उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद सभी लोग दंग रह गए। अरिस ने साबित कर दिया कि महानता पद में नहीं, बल्कि सिद्धांतों में होती है।
Moral
ईमानदारी और सादगी ही एक सच्चे नेता की पहचान है।