कड़ाके की ठंड वाले एक देश में, छात्र खुद को गर्म रखने के लिए कक्षाओं में आग जलाते थे। एक दिन, लियो नाम के एक लड़के से एक दुर्घटना हो गई और उसके पैरों में गंभीर चोट लग गई।
अस्पताल में इलाज के दौरान, लियो ने डॉक्टर को अपनी माँ से बात करते सुना। डॉक्टर ने उदास स्वर में कहा, "इसके पैरों की स्थिति बहुत नाजुक है। अब इसके लिए सामान्य रूप से चलना या दौड़ना लगभग असंभव है।" यह सुनकर लियो का दिल टूट गया, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
जब वह घर लौटा, तो उसकी माँ उसे व्हीलचेयर में बगीचे में ले जाती थीं। बगीचे की हरियाली और ताजी हवा ने उसे फिर से लड़ने की शक्ति दी। उसने दर्द सहते हुए छोटे-छोटे कदम उठाना शुरू किया। सालों की कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के बाद, लियो ने एक अंतरराष्ट्रीय दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया। उसने न केवल दौड़ लगाई, बल्कि इतिहास रच दिया। वह विश्व विजेता बना। जिस लड़के को कहा गया था कि वह कभी चल नहीं पाएगा, आज वह पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा बन गया था।
Moral
दृढ़ निश्चय और कड़ी मेहनत से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।