कविन नाम का एक साहसी नाविक था जिसे समुद्र की लहरों के बीच नई जगहों की खोज करना बहुत पसंद था। एक बार वह अपने सबसे अच्छे दोस्त अरुण के साथ एक बड़े व्यापारिक जहाज पर लंबी यात्रा पर निकला।
शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन अचानक मौसम बिगड़ गया। समुद्र में भयानक तूफान आ गया और लहरों के थपेड़ों से जहाज टूटने लगा। अपनी जान बचाने के लिए कविन और अरुण समुद्र में कूद पड़े। काफी संघर्ष के बाद, वे एक सुनसान द्वीप के किनारे पहुँचे।
प्यास से बेहाल होकर, वे पीने के पानी की तलाश में द्वीप के घने जंगलों में गए। वहाँ उन्होंने एक डरावना दृश्य देखा। एक विशालकाय राक्षस एक गुफा के पास गहरी नींद में सो रहा था।
तभी उन्होंने देखा कि गुफा के अंदर विमल नाम का एक युवक कैद है। विमल ने धीरे से कहा, "दोस्तों, डरो मत! वह राक्षस एक जादूगर है। उस गुफा के भीतर एक जादुई खंजर है। अगर तुम उसे उस राक्षस पर चला दो, तो उसका जादू टूट जाएगा और वह एक साधारण इंसान बन जाएगा।"
कविन ने डर को पीछे छोड़ते हुए साहस दिखाया। वह सावधानी से गुफा के अंदर गया और सांपों से बचते हुए उस चमकते हुए खंजर को ढूँढ निकाला। वह और अरुण दबे पाँव राक्षस के पास पहुँचे और खंजर को उसके पास रख दिया। अचानक एक तेज़ रोशनी हुई और वह विशाल राक्षस एक छोटे से प्यारे खरगोश में बदल गया!
विमल आज़ाद हो गया। तीनों मिलकर समुद्र किनारे पहुँचे, जहाँ उन्हें बहती हुई लकड़ियाँ मिलीं। उन्होंने मिलकर लकड़ियों से एक छोटी नाव बनाई और अपनी हिम्मत और सूझबूझ से सुरक्षित घर वापस लौट आए।
Moral
साहस और एकता से बड़ी से बड़ी मुसीबत को हराया जा सकता है।