एक सुंदर पहाड़ी गाँव में लूना नाम की एक लड़की अपने छोटे पिल्ले जिमी के साथ रहती थी। लूना बहुत दयालु थी, लेकिन उसे लगता था कि वह बहुत कमज़ोर है।
एक तूफानी रात में, एक तेज़ बवंडर लूना के छोटे से घर को उड़ाकर एक जादुई जंगल में ले गया। जब लूना बाहर आई, तो उसने देखा कि गाँव वाले उसे दुआएं दे रहे हैं। दरअसल, उसका घर गिरकर एक दुष्ट जादूगरनी की जादुई छड़ी को तोड़ चुका था, जिससे गाँव वाले आज़ाद हो गए थे।
एक परी ने लूना को उपहार देने की पेशकश की, लेकिन लूना ने कहा, "मुझे सोना नहीं, बस घर जाने का रास्ता चाहिए।" परी ने उसे नीले रंग की जादुई चप्पलें दीं और कहा, "जंगल के अंत में जो ज्ञानी बाबा रहते हैं, उनके पास जाओ।"
रास्ते में लूना को तीन दोस्त मिले: एक लकड़ी का खिलौना जिसे सोचने के लिए दिमाग चाहिए था, एक लोहार जिसके पास ताकत थी पर दिल नहीं था, और एक छोटा बाघ जो बहुत डरपोक था। लूना ने कहा, "हम सब साथ चलेंगे और ज्ञानी बाबा से मदद मांगेंगे।"
रास्ते में जादूगरनी ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन सबने मिलकर मुकाबला किया। जब वे ज्ञानी बाबा के पास पहुँचे, तो बाबा ने कहा, "अगर तुम जादूगरनी को हरा दोगे, तभी मैं तुम्हारी मदद करूँगा।"
लूना ने देखा कि जादूगरनी की शक्ति मोम जैसी है। उसने पास रखे गर्म पानी को जादूगरनी पर डलवा दिया, जिससे उसकी जादुई शक्ति पिघल गई। जादूगरनी हार गई और गाँव वाले खुश हो गए।
ज्ञानी बाबा ने लूना की चप्पलों को जादुई बना दिया। लूना ने अपनी एड़ी से जमीन को तीन बार थपथपाया और पलक झपकते ही वह अपने घर पहुँच गई!
Moral
एकता और साहस से हर मुश्किल आसान हो जाती है।