एक घने और सुंदर जंगल में लूना नाम की एक हिरणी अपने दो नन्हे बच्चों के साथ रहती थी। जंगल बहुत प्यारा था, लेकिन लूना जानती थी कि यहाँ खतरा कभी भी आ सकता है। एक दिन घास चरते समय, उन्होंने चट्टानों के बीच एक बड़ी गुफा देखी।
लूना को लगा कि बच्चों को गुफा के पास ले जाना सुरक्षित नहीं है। इसलिए, वह अकेले ही गुफा की जांच करने के लिए अंदर गई। गुफा के अंदर जाते ही उसने देखा कि वहाँ बहुत सारी हड्डियाँ बिखरी हुई थीं। वह डर गई और सोचने लगी, "यह तो किसी जंगली शिकारी का घर लगता है!" फिर भी, उसने अपने बच्चों के लिए हिम्मत जुटाई।
तभी, बाहर झाड़ियों में हलचल हुई। एक भूखा बाघ गुफा की ओर बढ़ रहा था। लूना का दिल तेजी से धड़कने लगा। उसके बच्चे गुफा के बाहर डरे हुए खड़े थे। लूना ने घबराने के बजाय एक तरकीब सोची।
उसने बहुत ज़ोर से चिल्लाकर कहा, "बच्चों! क्या बाघ आ गया है? जल्दी बाहर आओ! हम सब मिलकर उस बाघ को भगा देंगे!"
बाघ जैसे ही गुफा के पास पहुँचा, उसने लूना की आवाज़ सुनी। वह सोचने लगा, "क्या? एक हिरणी मुझे चुनौती दे रही है? ज़रूर इस गुफा में कोई बहुत बड़ा जानवर छिपा है!" डर के मारे बाघ वहाँ से दुम दबाकर भाग गया।
लूना ने चैन की सांस ली। अपनी सूझबूझ से उसने अपने बच्चों की जान बचा ली थी।
Moral
मुसीबत के समय घबराने के बजाय बुद्धि से काम लेने पर हर समस्या का हल मिल जाता है।