एक सुंदर और हरे-भरे जंगल में खरगोश, गिलहरी और रंग-बिरंगे पक्षी मिल-जुलकर रहते थे। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था, लेकिन एक बार भीषण गर्मी पड़ी। नदियाँ सूख गईं और भोजन मिलना मुश्किल हो गया।
इसी बीच, पास के जंगल से हाथियों का एक बड़ा झुंड वहां आ पहुँचा। छोटे जानवरों ने इतने बड़े जीव पहले कभी नहीं देखे थे। जब हाथी चलते थे, तो धरती हिलने लगती थी। छोटे जानवर डर गए, उन्हें लगा कि ये विशाल हाथी उनके घरों को कुचल देंगे।
तभी वहां शिकारियों का भी आना शुरू हो गया। छोटे जानवर शिकारियों और हाथियों, दोनों से डरकर इधर-उधर भागने लगे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वे कहाँ छिपें।
यह सब देखकर गज्जू नाम के एक हाथी ने उनसे कहा, "नन्हे दोस्तों, डरो मत! हमारे आकार को देखकर हमारे स्वभाव का अंदाजा मत लगाओ। हम यहाँ तुम्हारी मदद करने आए हैं। हम तुम्हें शिकारियों से बचाएंगे।"
हाथियों की सच्चाई देखकर छोटे जानवरों ने उन पर भरोसा किया। जब भी शिकारी जंगल के करीब आते, हाथी मिलकर जोर से चिंघाड़ने लगते। वह आवाज इतनी भयानक थी कि शिकारी डरकर जंगल से भाग खड़े हुए।
हाथियों की सुरक्षा के कारण अब छोटे जानवर बिना किसी डर के जंगल में रहने लगे। उन्होंने सीखा कि ताकत दूसरों को डराने के लिए नहीं, बल्कि रक्षा करने के लिए होती है।
Moral
किसी के बाहरी रूप को देखकर उसके स्वभाव का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।