एक सुंदर झील के किनारे, हेमा नाम की एक बगुली अपने साथी के साथ एक ऊंचे पेड़ पर रहती थी। वे बहुत खुश थे, लेकिन जब भी वे अंडे देते, एक बड़ा काला सांप पेड़ पर चढ़कर उन्हें खा जाता था। हेमा और उसका साथी बहुत दुखी और असहाय महसूस करते थे।
वहाँ रहने वाले एक बुद्धिमान केकड़े ने उनकी परेशानी देखी। 'घबराओ मत,' केकड़े ने कहा, 'मेरे पास एक उपाय है।' केकड़े ने सुझाव दिया कि बगुले हर दिन छोटी मछलियाँ पकड़ें और उन्हें पास ही रहने वाले एक नेवले के बिल के पास छोड़ दें।
अगले दिन से योजना शुरू हुई। बगुलों ने ताजी मछलियाँ पकड़ीं और उन्हें नेवले के बिल के पास डाल दिया। खाने की तलाश में नेवला धीरे-धीरे उस झाड़ी की ओर बढ़ा जहाँ सांप रहता था। वहाँ नेवले और सांप के बीच भयानक लड़ाई हुई। अंत में, नेवले ने सांप को भगा दिया। बगुलों ने राहत की सांस ली और सोचा कि अब वे सुरक्षित हैं।
लेकिन अगली सुबह एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई। जिस नेवले ने सांप को भगाया था, वही नेवला अब पेड़ पर चढ़कर बगुलों के अंडों को खाने की कोशिश कर रहा था! बगुलों को समझ आया कि अपनी समस्या सुलझाने के लिए किसी शिकारी पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।
Moral
अपनी सुरक्षा के लिए गलत लोगों पर भरोसा करना नए संकट को न्योता देना है।