एक छोटे से गाँव में कवि नाम का एक युवक रहता था। वह बहुत मेहनती था, लेकिन उसके पास धन की कमी थी। वह हमेशा अपने जीवन को बेहतर बनाने का सपना देखता था।
एक रात, कवि ने एक अजीब सपना देखा। सपने में एक दिव्य रोशनी दिखाई दी और बोली, "कवि, यदि तुम जंगल के किनारे स्थित उस विशाल चट्टान को हटा सको, तो तुम्हारा भाग्य बदल जाएगा।"
अगली सुबह कवि उस चट्टान के पास गया। वह चट्टान बहुत बड़ी और भारी थी। कवि ने अपनी पूरी ताकत लगाकर उसे धक्का दिया, लेकिन चट्टान टस से मस नहीं हुई। कवि ने हार नहीं मानी। वह हर रोज़ सुबह उठता और उस चट्टान को हिलाने की कोशिश करता।
कई हफ़्तों और महीनों तक वह कोशिश करता रहा। उसके शरीर में दर्द होता, वह थक जाता, लेकिन उसका संकल्प अटूट था। एक रात, वही दिव्य रोशनी फिर से उसके सपने में आई। रोशनी ने पूछा, "क्या तुमने चट्टान को हटाया?" कवि ने उदास होकर कहा, "नहीं, मैंने बहुत कोशिश की, पर वह चट्टान नहीं हिली।"
रोशनी मुस्कुराई और बोली, "कवि, अपनी शक्ति को देखो! चट्टान तो नहीं हिली, लेकिन उस प्रयास ने तुम्हें बदल दिया है। तुम्हारी मांसपेशियां और तुम्हारा शरीर अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गया है। यह शारीरिक शक्ति ही तुम्हारी असली संपत्ति है, जो तुम्हें सफलता दिलाएगी।"
कवि की आँख खुली। उसने अपने मजबूत हाथों को देखा। उसे समझ आया कि उस चट्टान को हटाने की कोशिश ने उसे शारीरिक रूप से इतना सक्षम बना दिया है कि अब वह कोई भी कठिन काम कर सकता है। अपनी नई ताकत के साथ, उसने गाँव के कठिन काम शुरू किए और धीरे-धीरे एक समृद्ध जीवन जीने लगा।
Moral
निरंतर प्रयास हमें शक्तिशाली बनाते हैं, और यही शक्ति सफलता का आधार है।