एक छोटे से गाँव में मारी नाम का एक किसान रहता था। उसके पास एक छोटा सा खेत और एक गाय थी। मारी अपने खेत से बहुत प्यार करता था। लेकिन एक साल, आसमान से पानी की एक बूंद भी नहीं गिरी। सूखा इतना पड़ा कि मारी के खेत की सारी फसलें सूख गईं। उसके पास जो कुछ भी जमा था, वह भी खत्म हो गया। मारी बहुत निराश हो गया और सोचने लगा कि अब वह क्या करेगा।
हालत इतनी खराब हो गई कि उसे अपनी गाय बेचने के बारे में सोचना पड़ा। वह बहुत दुखी था। लेकिन तभी एक दिन, आसमान में काले बादल छा गए। लंबे इंतजार के बाद, बारिश की बूंदें मिट्टी पर गिरने लगीं। मारी खुशी से झूम उठा। उस बारिश ने न केवल उसके खेतों को सींचा, बल्कि उसकी किस्मत भी बदल दी। कुछ ही महीनों में, उसका खेत फिर से हरा-भरा हो गया और मारी फिर से खुशहाल किसान बन गया।
जब बारिश नहीं थी, तो मारी कंगाल हो गया था, लेकिन बारिश आते ही वह फिर से संपन्न हो गया।