एक सुंदर गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसे बागवानी का बहुत शौक था। उसके पिता एक समझदार किसान थे। एक बार, अर्जुन ने एक बहुत ही दुर्लभ फूल का पौधा उगाने का फैसला किया।
अर्जुन बहुत उत्साहित था। पहले दिन, उसने दोपहर की तेज़ धूप में पौधे को पानी दिया, जिससे पौधा मुरझा गया। अगले दिन उसने सुबह जल्दी पानी देने की कोशिश की, लेकिन उस दिन बहुत तेज़ बारिश हो गई, जिससे पौधे की जड़ें ढीली हो गईं। अर्जुन बहुत दुखी हुआ।
उसके पिता ने उसे समझाया, "अर्जुन, केवल मेहनत काफी नहीं है। तुम्हें यह समझना होगा कि सही समय और सही जगह क्या है।" अर्जुन ने अब ध्यान से देखना शुरू किया। उसने मौसम को समझा और जब मिट्टी सूखी थी, तभी सही मात्रा में पानी दिया।
कुछ ही हफ्तों में, वह पौधा एक बहुत ही सुंदर फूल के साथ खिल उठा। अर्जुन समझ गया कि यदि हम सही समय और सही स्थान का चुनाव करें, तो हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं।