एक सुंदर घाटी में लियो नाम का एक युवा मेढ़ा रहता था। लियो बहुत ऊर्जावान था और हर काम तुरंत करना चाहता था। एक दिन, पहाड़ों के मेढ़ों के बीच एक बड़ी प्रतियोगिता आयोजित की गई। लियो ने ब्रूनो नाम के एक बहुत शक्तिशाली मेढ़े के खिलाफ मुकाबला करने का फैसला किया।
प्रतियोगिता शुरू होते ही लियो पूरी ताकत से आगे बढ़ा। लेकिन ब्रूनो बहुत चालाक था, उसने बार-बार लियो का रास्ता रोका। लियो को बहुत गुस्सा आया और वह तुरंत हमला करना चाहता था। तभी उसके दादाजी ने कहा, 'लियो, गुस्से में हमला मत करो। एक लड़ाकू मेढ़ा हमला करने से पहले अपनी पूरी ताकत जुटाने के लिए थोड़ा पीछे हटता है, वैसे ही तुम्हें भी सही मौके का इंतज़ार करना चाहिए।'
लियो ने अपने गुस्से पर काबू पाया। वह शांत रहा और ब्रूनो की हर चाल को ध्यान से देखता रहा। जैसे ही ब्रूनो थोड़ा थका और उसने एक छोटी सी चूक की, लियो ने अपनी पूरी ऊर्जा बटोरी और एक ज़ोरदार छलांग लगाई। सही समय का इंतज़ार करने के कारण लियो प्रतियोगिता जीत गया।