एक सुंदर से गाँव में कदिर नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही समझदार और दयालु था। एक दिन, कदिर के पिता एक नया छोटा व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे थे। कदिर भी इसमें उनकी मदद करना चाहता था। उसके दोस्त मणि ने सुझाव दिया, 'कदिर, क्यों न हम अपनी बचत से एक खिलौनों की दुकान खोलें? हम सस्ते प्लास्टिक के खिलौने बेचकर बहुत जल्दी पैसा कमा सकते हैं!'
कदिर सोचने लगा। उसने मणि की बात पर विचार किया। उसने सोचा, 'पैसा तो जल्दी मिल जाएगा, लेकिन अगर हम खराब खिलौने बेचेंगे, तो लोग हम पर भरोसा करना छोड़ देंगे। यह हमारे लिए बुरा होगा।' इसके बजाय, कदिर ने गाँव के किसानों के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और खाद बेचने वाली एक छोटी दुकान खोलने का प्रस्ताव रखा। उसे पता था कि इसमें मुनाफा होने में समय लगेगा, लेकिन यह गाँव के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
कदिर की इस समझदारी को देखकर उसके पिता बहुत खुश हुए। उन्होंने कहा, 'जो व्यक्ति किसी भी काम को करने से पहले उसके अच्छे और बुरे पहलुओं को तौलता है और केवल अच्छाई को चुनता है, वही जीवन में सफल होता है।' कदिर के इस सही निर्णय ने आगे चलकर उनके व्यवसाय को बहुत बड़ा और सम्मानित बना दिया।