एक छोटे से गाँव में सैम नाम का एक लड़का रहता था। सैम को पौधों से बहुत प्यार था। एक दिन गाँव के मुखिया ने एक प्रतियोगिता की घोषणा की: 'जो सबसे सुंदर फूलों का बगीचा बनाएगा, उसे स्वर्ण बीज पुरस्कार मिलेगा।'
सैम का दोस्त लियो बहुत उत्साहित था। उसने बिना सोचे-समझे बाज़ार से जो भी बीज मिले, उन्हें खरीद लिया। उसने यह नहीं देखा कि उस मिट्टी के लिए कौन से बीज सही हैं। उसने बहुत गर्मी के मौसम में ही बुवाई कर दी। लेकिन सैम बहुत समझदारी से काम कर रहा था। उसने पहले मिट्टी की जाँच की, फिर सही मौसम का इंतज़ार किया। उसने सही औजारों का चुनाव किया और सही समय पर पानी दिया।
कुछ दिनों बाद, गाँव में भारी बारिश हुई। लियो के पौधे पानी भरने के कारण खराब हो गए। लेकिन सैम ने अपने बगीचे में पानी की निकासी के लिए छोटी नालियाँ बना रखी थीं, जिससे उसके पौधे सुरक्षित रहे।
प्रतियोगिता में सैम ने जीत हासिल की। उसके पिता ने उसे गले लगाकर कहा, 'सफलता केवल मेहनत में नहीं, बल्कि सही साधन, सही समय और सही तरीके के चुनाव में है।'