एक सुंदर से गाँव में ईशान नाम का एक युवक रहता था। वह बहुत ही बुद्धिमान और मेहनती था। गाँव के सभी लोग उसे एक आदर्श मानते थे। एक बार, गाँव के मुख्य बांध की मरम्मत की जिम्मेदारी ईशान को सौंपी गई। ईशान ने बहुत मेहनत से काम किया, लेकिन काम के दौरान उसने देखा कि एक पत्थर में एक बहुत छोटा सा छेद है। उसने सोचा, 'यह तो बहुत छोटा है, किसी को पता नहीं चलेगा,' और उसने उसे ठीक करने के बजाय छिपा दिया।
कुछ दिनों बाद, गाँव में भारी बारिश हुई। बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया। ईशान द्वारा छिपाया गया वह छोटा सा छेद धीरे-धीरे बड़ा होने लगा और देखते ही देखते बांध टूट गया। पूरा गाँव पानी में डूब गया। ईशान की काबिलियत बहुत थी, लेकिन उसके चरित्र की एक छोटी सी चूक ने पूरे गाँव को तबाह कर दिया। उसे समझ आया कि जब महान लोगों के चरित्र में कमी आती है, तो उनके द्वारा संभाली जाने वाली दुनिया भी बिखर जाती है।