एक विशाल जंगल के किनारे एक छोटा सा गाँव था। वहाँ सैम नाम का एक चरवाहा अपनी भेड़ों के साथ रहता था। एक दिन, सैम ने झाड़ियों के पीछे एक लोमड़ी को देखा, जिसका नाम फेलिक्स था। सैम को डर था कि फेलिक्स उसकी भेड़ों पर हमला कर देगा।
लेकिन जैसे-जैसे दिन बीते, फेलिक्स ने हमला नहीं किया। वह भेड़ों के पास शांति से बैठने लगा। सैम को लगा कि फेलिक्स एक अच्छा दोस्त है। उसने सोचा, "भले ही यह एक जंगली जानवर है, लेकिन यह बहुत सीधा है।" एक दिन, सैम को काम के सिलसिले में पास के गाँव जाना पड़ा। उसने फेलिक्स को भेड़ों की रखवाली करने के लिए छोड़ दिया।
सैम के जाते ही, फेलिक्स के असली स्वभाव ने अपना रूप दिखाया। अपनी भूख मिटाने के लिए उसने भेड़ों पर हमला कर दिया और फिर जंगल में भाग गया। जब सैम वापस आया, तो वहाँ कोई भेड़ नहीं थी। सैम को अपनी गलती का एहसास हुआ कि जंगली जानवरों के स्वभाव पर भरोसा करना मूर्खता है।
Moral
जंगली जानवरों का स्वभाव नहीं बदलता; कभी भी अंधा विश्वास न करें।