एक बहुत ही सुंदर और हरे-भरे जंगल में कई जानवर मिल-जुलकर रहते थे। उस जंगल का एक नियम था कि जब भी नया राजा चुना जाएगा, तो सभी जानवर मिलकर फैसला करेंगे।
एक दिन नए राजा के चुनाव के लिए सभी जानवर इकट्ठा हुए। तभी मिलो नाम का एक बंदर वहां आया और पेड़ों के बीच कलाबाजियां दिखाते हुए बहुत सुंदर नाच दिखाने लगा। बंदर का नाच देखकर सभी जानवर बहुत खुश हो गए। उन्होंने सोचा, 'यह बंदर कितना खुशमिजाज है! हमें इसे ही राजा बनाना चाहिए।' और सबने मिलकर मिलो को अपना राजा चुन लिया।
लेकिन फेलिक्स नाम की एक चतुर लोमड़ी को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। उसने सोचा, 'सिर्फ नाचने-गाने वाले को राजा कैसे बनाया जा सकता है?'
कुछ दिनों बाद, फेलिक्स जंगल में घूम रही थी कि तभी उसे एक शिकारी का जाल दिखा। उस जाल के बीच में एक बहुत ही चमकता हुआ फल रखा हुआ था।
फेलिक्स को एक उपाय सूझा। वह तुरंत राजा मिलो के पास गई और बोली, 'महाराज! जंगल के दूसरे छोर पर एक जादुई और चमकता हुआ फल मिला है। वह फल इतना खास है कि उसे खाने का हक सिर्फ आप जैसे महान राजा को ही है!'
फल के लालच में मिलो बिना सोचे-समझे वहां की ओर भागा। जैसे ही उसने फल को छुआ, शिकारी का जाल उस पर गिर गया और मिलो उसमें फंस गया। मिलो डर के मारे चिल्लाने लगा।
फेलिक्स ने शांति से कहा, 'महाराज, एक राजा को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बुद्धिमान होना चाहिए। आपने बिना सोचे-समझे राजा बनकर हम सबको खतरे में डाल दिया है। अब हम एक ऐसा राजा चुनेंगे जो समझदार हो।'
मिलो को अपनी गलती का अहसास हुआ और वह बहुत पछताया।
Moral
बुद्धिहीन नेतृत्व हमेशा संकट पैदा करता है।