बहुत समय पहले की बात है, एक शांत घाटी में लोग अपनी परंपराओं और अपने सुंदर मंदिर के साथ खुशी-खुशी रहते थे। वह मंदिर उस घाटी की शान और शांति का प्रतीक था।
लेकिन, पास के राज्य का राजा विक्रम बहुत अभिमानी था। उसे यह पसंद नहीं था कि लोग अलग-अलग रीति-रिवाजों का पालन करें। उसने आदेश दिया कि सभी को केवल उसकी ही पूजा करनी होगी। अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए, उसने अपनी सेना के साथ घाटी पर हमला कर दिया और वहां के लोगों पर कब्जा कर लिया।
राजा के सैनिकों ने मंदिर को नुकसान पहुँचाया और वहां की पवित्रता को भंग कर दिया। लोग बहुत दुखी थे, लेकिन लियो नाम के एक साहसी युवक और उसके साथियों ने हार नहीं मानी। उन्होंने मिलकर हिम्मत जुटाई और राजा की सेना को घाटी से बाहर खदेड़ दिया।
जीत हासिल करने के बाद, लियो और उसके दोस्त मंदिर को फिर से सजाने के लिए अंदर गए। लेकिन वहां का दृश्य देखकर उनकी आँखें भर आईं। मंदिर टूटा हुआ था और वहां कोई दीया जलाने के लिए तेल भी नहीं बचा था।
तलाश करते समय, उन्हें एक कोने में मिट्टी का एक छोटा सा बर्तन मिला। उसमें बहुत ही कम तेल था। एक सैनिक ने उदास होकर कहा, "इससे तो एक छोटा सा दीया भी ज्यादा देर नहीं जल पाएगा।" लेकिन लियो ने उम्मीद नहीं छोड़ी और उस तेल से एक छोटा सा दीया जला दिया।
तभी एक चमत्कार हुआ! वह छोटा सा दीया बुझा नहीं, बल्कि लगातार आठ दिनों और आठ रातों तक जलता रहा। उस छोटे से बर्तन का तेल इतने लंबे समय तक कैसे चला, यह किसी को समझ नहीं आया।
उस रोशनी ने लोगों के मन में फिर से विश्वास जगा दिया। उस चमत्कार की याद में, लोग हर साल आठ दिनों तक दीये जलाकर अपनी जीत और विश्वास का उत्सव मनाने लगे।
Moral
विश्वास और साहस के साथ किया गया छोटा सा कार्य भी बड़ा चमत्कार कर सकता है।