एक घने जंगल के बीचों-बीच एक सुंदर तालाब था। उस तालाब के किनारे एक छोटी सी मांद में मीलो नाम का एक खरगोश रहता था।
मीलो बहुत फुर्तीला था, लेकिन वह अक्सर बिना सोचे-समझे काम करता था। एक सुबह, एक तितली का पीछा करते समय, मीलो का पैर कीचड़ पर फिसल गया और वह सीधे तालाब में जा गिरा! तालाब गहरा था और मीलो बाहर निकलने की बहुत कोशिश करने के बाद भी थक गया। वह डर के मारे कांपने लगा।
तभी नीली मछली, जिसका नाम नीला था, उसकी मदद के लिए आई। मीलो पहले तो डरा, लेकिन जल्द ही उसे समझ आ गया कि नीला उसे बचाने आई है। नीला ने धीरे से मीलो के नीचे तैरना शुरू किया, जिससे मीलो उसके ऊपर सहारा ले सके। मीलो ने हिम्मत जुटाई और नीला की पीठ पर कूद गया, जिससे वह सुरक्षित किनारे पर आ गया।
"नीला, आज तुमने मेरी जान बचाई है। मैं तुम्हारा यह अहसान कभी नहीं भूलूँगा," मीलो ने भावुक होकर कहा। उस दिन से वे दोनों पक्के दोस्त बन गए।
कुछ समय बाद, गर्मी का मौसम आया और तालाब का पानी सूखने लगा। मीलो ने देखा कि नीला सांस लेने के लिए भी संघर्ष कर रही है। अपने दोस्त को बचाने के लिए, मीलो ने उसे पास की एक बड़ी झील में ले जाने का फैसला किया। उसने अपने दोस्त किकी बंदर से मदद मांगी, जिसने केले के पत्तों से एक मजबूत बर्तन बना दिया।
किकी ने उसे चेतावनी दी, "मीलो, रास्ता खतरनाक है। सिर्फ ताकत से काम नहीं चलेगा, अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करना।"
रास्ते में एक बड़े बाज ने उन पर हमला करने की कोशिश की। मीलो एक झाड़ी के पीछे छिप गया। उसने देखा कि सूरज की रोशनी केले के पत्ते के बर्तन में रखे पानी पर चमक रही है। जैसे ही बाज दोबारा आया, मीलो ने बर्तन को इस तरह पकड़ा कि सूरज की रोशनी सीधे बाज की आँखों में पड़ी। रोशनी से बाज की आँखें चौंधिया गईं और वह लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़ा।
तभी एक विशाल सांप ने उनका रास्ता रोक लिया। मीलो डर गया, लेकिन उसे किकी की बात याद आई। उसने चालाकी से कहा, "हे सांप राज! मैं आपके लिए यह खास मछली लेकर आया हूँ।"
सांप ने शक करते हुए पूछा, "क्या मतलब?"
मीलो ने झूठ बोला, "यह मछली एक जहरीले पौधे के पानी में रही है। मैंने गलती से थोड़ा पानी पी लिया, लेकिन देखिए, मुझे कुछ नहीं हुआ! आप इसे जल्दी खा लीजिए, इससे पहले कि जादू खत्म हो जाए।" यह कहकर मीलो ने चक्कर आने का नाटक किया। सांप को लगा कि कहीं उसे ज़हर न लग जाए, इसलिए वह डरकर वहाँ से भाग गया। मीलो ने जल्दी से नीला को झील तक पहुँचा दिया और अपने दोस्त की जान बचा ली।
कहानी की सीख
मुसीबत के समय घबराने के बजाय बुद्धि से काम लेने पर हर समस्या का समाधान मिल जाता है।
Moral
Presence of mind is the best tool to tackle any danger.