एक सुंदर घाटी के पास सनसाइड नाम का एक गाँव था। वहाँ राजा साइलस का शासन था, जो बहुत लालची था। वह किसानों से बहुत अधिक कर वसूलता था, जिससे गाँव के लोग गरीब हो गए थे।
उसी गाँव में केल नाम का एक बहादुर युवक रहता था। वह तीरंदाजी में बहुत माहिर था। राजा के अन्याय को देखकर, केल ने अपने वफादार दोस्त लियो के साथ मिलकर राजा के खजाने से धन लेकर गरीबों में बाँटना शुरू कर दिया। गाँव वालों के लिए केल एक रक्षक था।
राजा और उसके सेनापति ने केल को पकड़ने की बहुत कोशिश की, लेकिन केल जंगल के रास्तों में गायब हो जाता था। अंत में, सेनापति ने एक चाल चली। उसने घोषणा की कि महल में एक बड़ी तीरंदाजी प्रतियोगिता होगी और विजेता को एक सोने का पुरस्कार दिया जाएगा।
'केल, यह एक जाल है!' लियो ने चेतावनी दी। लेकिन केल ने कहा, 'अगर हम नकाब पहनकर जाएँ, तो हम पुरस्कार भी जीत सकते हैं और लोगों की मदद भी कर सकते हैं।'
प्रतियोगिता के दिन, केल और लियो नकाब पहनकर महल पहुँचे। केल ने एक के बाद एक सटीक निशाने लगाए। भीड़ दंग रह गई। लेकिन सेनापति समझ गया कि यह केल ही है। उसने चिल्लाकर कहा, 'सैनिकों! उस नकाबपोश को पकड़ लो! वह केल है!'
सैनिकों ने केल को घेर लिया। तभी लियो ने शोर मचाकर सैनिकों का ध्यान भटकाया और केल को भागने का मौका मिल गया। दोनों तेजी से जंगल की ओर भाग निकले। सुरक्षित पहुँचने पर लियो हँसते हुए बोला, 'हमने न केवल जान बचाई, बल्कि सोने का पुरस्कार भी ले लिया!' केल मुस्कुराया और बोला, 'अब इस सोने से गाँव वालों का पेट भरेगा।'
Moral
साहस और चतुराई से बड़ी से बड़ी मुसीबत को मात दी जा सकती है।