बहुत समय पहले एक सुंदर राज्य में केलन नाम का एक युवक रहता था। वह न केवल बहुत शक्तिशाली था, बल्कि बहुत बुद्धिमान और धैर्यवान भी था। उसकी बहादुरी के कारण सभी लोग उसे बहुत पसंद करते थे।
लेकिन राज्य का राजा केलन की लोकप्रियता से जलता था। उसने केलन की परीक्षा लेने के लिए एक कठिन कार्य दिया: 'केलन, तुम्हें प्रतिबंधित घाटी में जाना होगा और वहां से जादुई नीला रत्न लाना होगा।'
केलन अपनी यात्रा पर निकल पड़ा। घाटी में उसे एक रहस्यमयी वृद्ध मिला। जब केलन ने रास्ता पूछा, तो वह वृद्ध एक जादूगर निकला। उसने पक्षी और खरगोश का रूप बदलकर केलन से बचने की कोशिश की, लेकिन केलन ने हार नहीं मानी और अंततः उस वृद्ध से रास्ता पूछ लिया।
आगे बढ़ते हुए, एक विशाल जंगली जानवर ने उसका रास्ता रोका। केलन ने अपनी ताकत और सूझबूझ का इस्तेमाल किया और उस जानवर को चकमा देकर आगे निकल गया।
अंत में, वह उस स्थान पर पहुँचा जहाँ नीला रत्न रखा था। वहाँ एक महान रक्षक एक विशाल चट्टान को अपने कंधों पर थामे हुए था ताकि पहाड़ न गिर जाए। केलन ने विनम्रता से कहा, 'हे रक्षक, मुझे वह रत्न चाहिए। क्या मैं थोड़ी देर के लिए यह भार उठा सकता हूँ ताकि आप आराम कर सकें?'
रक्षक मान गया। केलन ने वह भारी बोझ अपने कंधों पर उठा लिया। जैसे ही रक्षक रत्न देने के लिए आगे बढ़ा, केलन ने एक तरकीब सोची। उसने कहा, 'यह भार बहुत हिल रहा है, कृपया इस कपड़े को एक पल के लिए पकड़ लें ताकि मैं इसे ठीक से संभाल सकूँ।'
जैसे ही रक्षक ने कपड़ा पकड़ने के लिए हाथ बढ़ाया, केलन ने झपटकर नीला रत्न लिया और वहाँ से तेजी से भाग निकला। राजा ने केलन की वीरता और चतुराई देखकर अपनी गलती मानी और उसे अपना मुख्य सलाहकार बना दिया।
Moral
सच्ची जीत शारीरिक शक्ति और मानसिक चतुराई के मेल से मिलती है।