एक घने जंगल में 'चित्रा' नाम का एक अनोखा पक्षी रहता था। उस पक्षी की खासियत यह थी कि उसके दो सिर थे। लेकिन समस्या यह थी कि वे दोनों सिर हमेशा आपस में लड़ते रहते थे। वे एक ही शरीर के थे, पर उनके विचार बिल्कुल अलग थे।
एक सुबह, जब पक्षी एक पेड़ पर बैठा था, दाहिने सिर ने एक रसीला लाल फल देखा। "देखो! वह लाल फल कितना स्वादिष्ट लग रहा है! मैं इसे अकेले ही खाऊँगा!" दाहिने सिर ने लालच से कहा।
बाएं सिर को बहुत बुरा लगा। उसने कहा, "रुको! हम एक ही शरीर के हिस्से हैं। हमें यह फल बाँटकर खाना चाहिए!" लेकिन दाहिने सिर ने उसकी बात नहीं मानी और सारा फल अकेले ही खा गया।
भूखा महसूस करते हुए पक्षी दूसरे पेड़ पर गया। वहाँ उसे चमकीले पीले रंग के कुछ फल दिखाई दिए। बाएं सिर का मन उन फलों को चखने का हुआ।
तभी दाहिने सिर ने चेतावनी दी, "ठहरो! उन पीले फलों को मत छूना। वे बहुत जहरीले हैं! मैंने सुना है कि वे खाने के लिए नहीं हैं!"
लेकिन बायां सिर बहुत गुस्से में था। उसने सोचा, "तुम हमेशा अपनी ही चलाते हो। तुमने लाल फल अकेले खा लिए थे, अब मैं ये पीले फल खाऊँगा!" और उसने ज़िद में आकर उन फलों को खा लिया।
चूंकि उनका शरीर एक ही था, इसलिए ज़हर तुरंत पूरे शरीर में फैल गया। पक्षी की हालत बिगड़ने लगी और वह गिर गया। आपस की लड़ाई और ज़िद के कारण, उन दोनों सिरों ने मिलकर अपने पूरे जीवन को ही समाप्त कर दिया।
Moral
आपसी फूट और झगड़ा विनाश का कारण बनता है।