एक सुंदर समुद्र तटीय गाँव में कविन नाम का एक कवि रहता था। उसके गीतों से ग्रामीणों में साहस और एकता की भावना भर जाती थी। उसकी कविताएँ सुनने वाले हर व्यक्ति को एक नई आशा मिलती थी। लेकिन, गाँव की इस बढ़ती एकता से परेशान होकर, व्यापारियों के एक शक्तिशाली समूह ने कविन की गतिविधियों पर नज़र रखने की योजना बनाई।
उन्होंने एक चालाकी भरा जाल बुना। उन्होंने एक व्यक्ति को चुना जो एक यात्री व्यापारी और कविन के मित्र होने का ढोंग कर सके। उस व्यक्ति को कविन के घर भेजा गया ताकि वह दोस्ती का नाटक कर सके और चुपके से यह देख सके कि कविन किससे बात करता है और क्या महत्वपूर्ण बातें साझा करता है।
एक शाम, वह अजनबी कविन से मिलने आया। उसने बहुत विनम्रता से व्यवहार किया और कविन को बड़े सम्मान के साथ प्रणाम किया। लेकिन कविन ने उसे देखते ही समझ लिया कि वह कोई व्यापारी नहीं है। कविन शांति से मुस्कुराया और बोला, "नमस्ते मित्र! लेकिन मुझे एक बात कहनी है।"
"आप मेरे साथ बहुत सम्मान से पेश आ रहे हैं। लेकिन एक सच्चा व्यापारी हमेशा ईमानदारी और आपसी सम्मान में विश्वास रखता है। आप एक व्यापारी होने का नाटक कर रहे हैं, लेकिन आपकी आँखों में घबराहट साफ दिख रही है। मुझे पता है कि आप यहाँ वास्तव में क्यों आए हैं।"
वह व्यक्ति चौंक गया। कविन ने आगे कहा, "दूसरों की जासूसी करके रहस्य जानने से बेहतर है कि आप अपने कौशल से ईमानदारी की राह पर चलें। दूसरों को धोखा देने के बजाय, अपने काम से सम्मान कमाना कहीं अधिक बेहतर है।"
अपनी चोरी पकड़े जाने पर वह व्यक्ति बहुत शर्मिंदा हुआ और सिर झुकाकर वहाँ से चला गया। कविन ने न केवल अपनी कविताओं से लोगों का दिल जीता था, बल्कि अपनी तेज़ बुद्धि से उस साजिश को भी नाकाम कर दिया था।
Moral
तेज़ अवलोकन और बुद्धिमानी से किसी भी छल को पकड़ा जा सकता है।