एक घने जंगल में सभी जानवर अपने नियम से रहते थे। सूरज उगने पर वे आराम करते और सूरज ढलने पर अपना काम शुरू करते। लेकिन ओली नाम का एक उल्लू बहुत अलग था। उसे रात की शांति और चाँदनी बहुत पसंद थी।
जब बाकी जानवर सो रहे होते, ओली जागता रहता और उन्हें चिढ़ाता था। "तुम लोग इस खूबसूरत रात को सोने में क्यों बर्बाद कर देते हो? तारों को देखना कितना मजेदार है!" वह कहता था।
एक दिन शेर, हाथी और घोड़ा एक पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। तभी ओली उड़कर आया और बोला, "तुम लोग इस तेज़ धूप में क्यों बैठे हो? रात में जागकर चाँद को देखना कितना अच्छा होता है!"
शेर ने शांति से कहा, "ओली दोस्त, सबका अपना तरीका होता है। हम दिन में काम करते हैं और रात में सोते हैं। हमें परेशान मत करो।"
लेकिन ओली नहीं माना। उसने रात की ठंडी हवा और शांति के बारे में ऐसी बातें कहीं कि जानवरों के मन में जिज्ञासा पैदा हो गई। उन्होंने तय किया कि वे केवल तीन दिन के लिए उल्लू की तरह रात में जागकर देखेंगे।
पहली रात सब बहुत खुश थे। उन्होंने चाँदनी में नाच-गाना किया। लेकिन दूसरी रात तक आते-आते उन्हें बहुत थकान महसूस होने लगी। तीसरी रात तक स्थिति बिगड़ गई। नींद पूरी न होने के कारण शेर को बहुत गुस्सा आने लगा। हाथी भी चिड़चिड़ा हो गया और उसने गुस्से में पेड़ की टहनियाँ तोड़ दीं। जंगल में अशांति फैल गई।
तभी घोड़े ने सबको रोका, "बस करो! रात सुंदर है, लेकिन हमारे शरीर को ताकत और बुद्धि के लिए नींद की ज़रूरत है। बिना सोए हम अपना स्वभाव और शक्ति खो देते हैं। हमने गलत फैसला लिया था।"
जानवरों को अपनी गलती का अहसास हुआ। जब ओली ने दोबारा उन्हें मनाने की कोशिश की, तो उन्होंने उसे मना कर दिया और अपने पुराने नियम पर वापस आ गए।
Moral
स्वस्थ और सुखी जीवन के लिए प्राकृतिक दिनचर्या का पालन करना बहुत ज़रूरी है।