वह समय था जब पूरा देश बदलाव की लहर से गुजर रहा था। लोग अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष कर रहे थे। इस संघर्ष को शक्ति देने के लिए नेता गाँवों का दौरा कर रहे थे।
एक बार, एक सम्मानित नेता एक छोटे से गाँव में पहुँचे। वहाँ एक दयालु और कलाप्रेमी महिला रहती थी। वह नेता का स्वागत करने के लिए बहुत उत्साहित थी।
जब नेता उसके घर पहुँचे, तो उसने बहुत आदर के साथ उनका स्वागत किया। उसने एक सुंदर चांदी की थाली में बहुत ही स्वादिष्ट भोजन परोसा। नेता ने बड़े चाव से भोजन किया।
भोजन समाप्त होने के बाद, नेता ने उस चांदी की थाली की चमक देखी और मुस्कुराते हुए महिला से कहा, "भोजन तो बहुत उत्तम था, लेकिन यह थाली भी बहुत ही विशेष है।"
नेता के मन में एक विचार आया। उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "मित्रों, यह थाली इस महिला के प्रेम और आतिथ्य का प्रतीक है। क्या कोई इस सुंदर थाली को अपने पास रखना चाहेगा?"
गाँव के लोग नेता के नेक इरादे को समझ गए। उन्होंने उस चांदी की थाली के लिए बोली लगाना शुरू कर दिया। लोग केवल थाली के लिए नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए पैसा दे रहे थे।
अंत में, वह थाली एक बड़ी राशि में नीलाम हो गई। नेता ने उस धन को लोगों के कल्याण के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया। महिला की उस छोटी सी सेवा ने एक महान कार्य में योगदान दिया।
Moral
हमारे छोटे-छोटे नेक काम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।