एक घने जंगल में कारी नाम का एक समझदार कौआ रहता था। कारी बहुत मेहनती था। वह हमेशा बारिश के मौसम के लिए पहले से ही दाने और बीज इकट्ठा करके अपने घोंसले में जमा कर लेता था।
एक दिन, उसे जंगल के किनारे एक चमकती हुई चीज़ दिखी। वह एक स्मार्टफोन था जिसे कोई इंसान वहाँ भूल गया था। कारी उसे अपनी चोंच से उठाकर अपने घोंसले में ले आया। जैसे ही उसने उसे छुआ, स्क्रीन जल उठी और उसमें रंग-बिरंगे पक्षियों के नाचने का वीडियो चलने लगा। कारी उसे देखकर मंत्रमुग्ध हो गया।
कारी घंटों तक उन वीडियो को देखता रहा। वह इतना खो गया कि उसने खाना ढूँढना और भोजन जमा करना पूरी तरह से बंद कर दिया। वह दिन भर बस उस चमकती स्क्रीन को ही देखता रहता था।
कुछ दिनों बाद, फोन की बैटरी खत्म हो गई और स्क्रीन काली पड़ गई। तभी कारी को बहुत तेज़ भूख लगी। उसने देखा कि उसके पास खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है। उसे अहसास हुआ कि उस छोटे से डिब्बे ने उसे मनोरंजन नहीं दिया, बल्कि उसका कीमती समय और ऊर्जा छीन ली।
कारी ने एक सबक सीखा। अब जब भी वह पार्क में बच्चों को फोन में खोया हुआ देखता है, तो वह उनके पास जाकर ज़ोर-ज़ोर से 'काँव-काँव' करने लगता है। वह चाहता है कि बच्चे फोन छोड़कर बाहर निकलें, खेलें और प्रकृति का आनंद लें।
Moral
अत्यधिक मनोरंजन हमें हमारे कर्तव्यों से भटका सकता है।