एक शांत गाँव में कवि नाम का एक लड़का रहता था। उसे बागवानी का बहुत शौक था। एक दिन उसने अपने आँगन में एक छोटा सा बीज बोया। कवि उस नन्हे से पौधे से बहुत प्यार करता था। वह रोज़ उसे पानी देता और बड़े लाड़-प्यार से उसकी देखभाल करता था।
पास ही लियो नाम का एक लड़का रहता था। लियो अक्सर कवि को अपने पौधे की सेवा करते हुए देखता था। कवि का उस पौधे के प्रति निस्वार्थ प्रेम देखकर लियो के मन में भी कुछ ऐसा ही करने की इच्छा जागी। उसे कवि का स्वभाव बहुत अच्छा लगा और वह उसका दोस्त बनना चाहता था।
एक दिन लियो ने कवि से कहा, 'क्या मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूँ?' कवि ने मुस्कुराकर उसका स्वागत किया। समय बीतता गया, वह छोटा सा बीज एक सुंदर फूलों के पौधे में बदल गया। और ठीक उसी तरह, कवि और लियो की दोस्ती भी गहरी होती गई। कवि के उस प्रेम ने ही लियो के मन में दोस्ती की इच्छा जगाई, और वही इच्छा आज एक अटूट मित्रता बन चुकी है।