एक शांत गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसे बागवानी का बहुत शौक था। एक दिन उसके दोस्त रोहन ने एक शरारत भरी बात कही, 'अर्जुन, चलो उस बूढ़ी दादी के बगीचे से वे सुंदर फूल तोड़ लेते हैं। किसी को पता नहीं चलेगा!'
अर्जुन ने सोचा और कहा, 'नहीं रोहन, दूसरों की चीज़ लेना गलत है।' लेकिन रोहन नहीं माना। उसने कहा, 'अरे, बस कुछ ही तो फूल हैं, इससे क्या फर्क पड़ेगा?'
अगले दिन रोहन ने फूल तोड़ लिए। लेकिन जल्द ही रोहन बहुत दुखी रहने लगा। वे फूल तो मुरझा ही गए, साथ ही पूरे गाँव में रोहन की चोरी की बात फैल गई। अब रोहन को लोगों के सामने आने में शर्म महसूस होती थी। अर्जुन यह देखकर समझ गया कि अगर हाथ आग से जल जाए, तो घाव तुरंत दिख जाता है और उसे ठीक किया जा सकता है। लेकिन एक बुरा काम इंसान के चरित्र और उसकी शांति को अंदर ही अंदर जला देता है। इसलिए बुराई से आग से भी ज़्यादा डरना चाहिए।