एक सुंदर से गाँव में अर्जुन नाम का एक दयालु लड़का रहता था। उसी गाँव में रोहन नाम का एक लड़का भी रहता था। एक दिन, जब अर्जुन अपनी नई ड्राइंग बुक लेकर जा रहा था, तब रोहन ने मज़ाक-मज़ाक में उसकी किताब छीन ली और उसके पन्ने फाड़ दिए। अर्जुन को बहुत दुख हुआ और गुस्सा भी आया, लेकिन उसने रोहन से झगड़ा नहीं किया।
कुछ दिनों बाद, गाँव में तेज़ बारिश हो रही थी और रोहन बहुत बीमार पड़ गया। उसे तेज़ बुखार था और वह उठ भी नहीं पा रहा था। अर्जुन को जब यह पता चला, तो वह पुराने झगड़े को भूल गया। वह रोहन के घर गया और उसके लिए गरमा-गरम सूप और कुछ फल लेकर गया।
रोहन यह देखकर बहुत शर्मिंदा हुआ। उसने धीरे से पूछा, 'अर्जुन, मैंने तुम्हारे साथ इतना बुरा किया, फिर भी तुम मेरी मदद क्यों कर रहे हो?' अर्जुन ने मुस्कुराते हुए कहा, 'रोहन, उस किताब की बात अब पुरानी हो गई है। मैं बस चाहता हूँ कि तुम जल्दी ठीक हो जाओ।' रोहन को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने अर्जुन से माफी मांगी। उस दिन के बाद वे पक्के दोस्त बन गए।