एक सुंदर गाँव में अर्जुन और रोहन नाम के दो मित्र रहते थे। अर्जुन एक मेहनती किसान परिवार से था। उसके परिवार के पास पर्याप्त संसाधन और अच्छी फसलें होती थीं। इस समृद्धि ने अर्जुन को और अधिक मेहनत करने और नई तकनीकें सीखने का साहस दिया। उसके पास जो कुछ भी था, उसने उसे आगे बढ़ने की शक्ति दी।
दूसरी ओर, रोहन का परिवार कभी समृद्ध था, लेकिन अचानक आई एक आपदा ने उन्हें कंगाल कर दिया। इस विपत्ति ने रोहन को मानसिक रूप से तोड़ दिया। वह दिन भर बैठकर बस यही कहता, 'यह तो मेरी किस्मत है, मैं क्या कर सकता हूँ?' जहाँ अर्जुन ने अपनी सुखद परिस्थितियों का उपयोग करके अपने भविष्य को और बेहतर बनाया, वहीं रोहन ने अपनी गरीबी को बहाना बनाकर आलस्य में जीवन बिता दिया। अंत में, अर्जुन एक सफल किसान बना, जबकि रोहन अपनी किस्मत को कोसते हुए पीछे रह गया।