एक घने जंगल में अर्जुन नाम का एक साहसी लड़का रहता था। वह बहुत बहादुर था, लेकिन उसमें एक कमी थी—वह बहुत जल्दबाज़ी करता था। उसका दोस्त रोहन बहुत शांत और समझदार था। एक दिन, उन्होंने जंगल के किनारे एक आम का बगीचा देखा, जहाँ रसीले और मीठे आम लदे हुए थे। लेकिन उस बगीचे की रखवाली एक बड़ी उल्लू करती थी।
'चलो, अभी जाकर उन आमों को तोड़ लेते हैं!' अर्जुन ने उत्साह में कहा। रोहन ने उसे रोका, 'रुको अर्जुन, अभी दिन का समय है और उल्लू सो रहा है, लेकिन अगर हम अभी गए तो वह हमें नुकसान पहुँचा सकता है। हमें सही समय का इंतज़ार करना चाहिए।' अर्जुन ने उसकी बात नहीं मानी और दौड़कर बगीचे की ओर गया। लेकिन उल्लू के अचानक जाग जाने और चिल्लाने से अर्जुन बुरी तरह डर गया और खाली हाथ वापस भाग आया।
अगले दिन, शाम के समय जब उल्लू सोने की तैयारी कर रहा था, रोहन ने कहा कि अब सही समय है। वे बहुत धीरे से और सावधानी से बगीचे में गए। उस समय उल्लू सुस्त था, इसलिए वे बिना किसी डर के ढेर सारे मीठे आम इकट्ठा कर सके। अर्जुन समझ गया कि केवल साहस ही काफी नहीं है, बल्कि सही समय पर कदम उठाना भी बहुत ज़रूरी है।