एक घने जंगल में लियो नाम का एक शेर रहता था। लियो बहुत शक्तिशाली था, लेकिन उसकी एक कमी थी—वह बहुत जल्दबाज़ी करता था। एक दिन उसे पता चला कि कुछ छोटे खरगोश उसके इलाके में घुस आए हैं। लियो गुस्से में दहाड़ा, 'उन खरगोशों को मैं अभी सबक सिखाऊंगा!'
तभी टोबी नाम के एक बूढ़े कछुए ने उसे रोका, 'लियो, जल्दबाजी मत करो। पहले यह जान लो कि वे कहाँ छिपे हैं और वे किस रास्ते से आते हैं। जब तुम सही जगह चुन लोगे, तभी तुम उन्हें आसानी से संभाल पाओगे।' लियो ने उसकी बात नहीं मानी और झाड़ियों में दौड़ पड़ा। खरगोश तो छोटे थे, वे झाड़ियों और बिलों में छिप गए, लेकिन लियो का शरीर बड़ा होने के कारण वह फंस गया और कांटों में चोट खा बैठा। तब लियो को समझ आया कि टोबी सही था। उसने धैर्य रखा, खरगोशों के आने का सही स्थान देखा और वहीं इंतज़ार किया। सही जगह का चुनाव करने से उसने बिना किसी परेशानी के मामला सुलझा लिया।