एक शांत गाँव में सोमू नाम का एक लड़का रहता था। सोमू को प्रकृति से बहुत प्यार था। उसके पिता, रवि, एक बहुत सुंदर आम का बगीचा उगाते थे। एक गर्मी के मौसम में, रवि को अपने व्यापार में बहुत बड़ी सफलता मिली। वे इस जीत से इतने खुश थे कि वे बस जश्न मनाने में ही लगे रहे।
अपनी खुशी के उत्साह में, रवि बगीचे की देखभाल करना भूल गए। उन्होंने सोचा, 'बगीचा तो सालों से ठीक है, एक दिन पानी न देने से क्या होगा?' लेकिन धीरे-धीरे, बिना पानी के पौधे मुरझाने लगे और पेड़ सूखने लगे। जब रवि ने बगीचे की हालत देखी, तो उनका दिल टूट गया। उन्हें एहसास हुआ कि अपनी खुशी के चक्कर में उन्होंने कितनी बड़ी लापरवाही की थी। उन्होंने सीखा कि सफलता के उल्लास में भी हमें अपनी जिम्मेदारियों और उन चीजों को नहीं भूलना चाहिए जो हमारी उपेक्षा से नष्ट हो सकती हैं।