एक सुंदर से गाँव में कदिर नाम का एक लड़का अपने माता-पिता के साथ रहता था। कदिर हमेशा खुशमिजाज रहता था। लेकिन एक समय ऐसा आया जब उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पशु बीमार हो गए और उसके पिता की नौकरी भी चली गई। घर में उदासी छा गई।
अपनी माँ को रोते देख कदिर का मन भर आया। पर उसने सोचा, 'मुसीबत के समय मुस्कुराना ही उसे दूर भगाने का सबसे अच्छा तरीका है।' अगली सुबह, कदिर एक बड़ी मुस्कान के साथ बाहर आया। उसने अपने उदास पिता को एक चुटकुला सुनाया और उन्हें हँसा दिया। 'पिताजी, हम फिर से सब ठीक कर लेंगे!' कदिर ने हिम्मत से कहा। कदिर की उस मुस्कान ने परिवार में उम्मीद की किरण जगा दी। दुख में डूबने के बजाय, उनकी मुस्कान ने उन्हें फिर से लड़ने की ताकत दी।