पुराने समय में ईथन नाम का एक राजकुमार था। उसका राज्य बहुत सुंदर था, लेकिन उसे सुरक्षा की चिंता रहती थी। उसके पिता, राजा एरिक ने उसे एक बड़ा किला बनाने का काम सौंपा। ईथन ने बहुत लंबी दीवारों वाला एक विशाल किला बनाया। लेकिन इतनी लंबी दीवारों पर पहरा देना सैनिकों के लिए बहुत मुश्किल था।
सिलास नाम के एक बुद्धिमान सेनापति ने ईथन से कहा, "राजकुमार, आपका किला देखने में भव्य है, लेकिन यह सुरक्षित नहीं है।" ईथन हैरान रह गया। सिलास ने समझाया, "एक असली किला वह है जिसके अंदर बहुत बड़ी जगह हो, लेकिन पहरा देने के लिए द्वार और दीवारें बहुत कम और मजबूत हों। इससे दुश्मन को अंदर आने का रास्ता नहीं मिलेगा और वे डरकर भाग जाएंगे।"
ईथन को अपनी गलती समझ आ गई। उसने दीवारों को लंबा करने के बजाय, प्रवेश द्वारों और मुख्य रक्षात्मक स्थानों को बहुत मजबूत बनाया। जब दुश्मन ने हमला किया, तो उन्हें अंदर आने का कोई रास्ता नहीं मिला। किले की मजबूती देखकर उनका साहस टूट गया और वे भाग गए। ईथन ने अपनी बुद्धिमानी से राज्य की रक्षा की।