एक सुंदर से गाँव में ईथन नाम का एक युवक रहता था। वह एक छोटा सा माली था और बहुत मेहनत करता था, लेकिन उसके पास ज्यादा धन नहीं था। उसका दोस्त लियो हमेशा अमीर बनने के लिए गलत रास्तों की तलाश में रहता था। एक दिन, लियो को सोने के सिक्कों से भरी एक थैली मिली। 'ईथन, अगर हम इसे छुपा लें, तो हम बहुत अमीर बन जाएंगे!' लियो ने उत्साह से कहा।
ईथन थोड़ा हिचकिचाया। गरीबी उसे परेशान कर रही थी, लेकिन उसके मन ने ईमानदारी का साथ देने का फैसला किया। उसने वह थैली उसके असली मालिक, एक व्यापारी को सौंप दी। व्यापारी ईथन की ईमानदारी से इतना प्रभावित हुआ कि उसने उसे अपने बड़े बाग का प्रबंधक बना दिया। ईथन ने पूरी लगन से काम किया और धीरे-धीरे उसने बहुत धन और सम्मान कमाया। क्योंकि उसने अपनी दौलत ईमानदारी से कमाई थी, इसलिए उसके जीवन में सुख, शांति और समाज में मान-सम्मान की कोई कमी नहीं थी। उसने समझ लिया कि ईमानदारी से कमाया गया धन न केवल सुख लाता है, बल्कि सम्मान भी दिलाता है।