एक घने जंगल में लियो नाम का एक शेर रहता था। लियो बहुत ही शांत और गंभीर स्वभाव का था। एक दोपहर, चूहों का एक बहुत बड़ा झुंड एक पुराने बरगद के पेड़ के पास इकट्ठा हुआ। वे चूहे बहुत शोर मचा रहे थे। वे ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रहे थे, 'हम सबसे शक्तिशाली हैं! हमें कोई नहीं रोक सकता!' चूहों के नेता, पिप ने उन्हें बढ़ावा देते हुए कहा, 'सुनो हमारा शोर! हम समुद्र की तरह गरज रहे हैं! हमें किसी का डर नहीं है!'
वहीं पास में कैस्पियन नाम का एक विशाल नाग रहता था। कैस्पियन को अपनी शक्ति दिखाने के लिए शोर मचाने की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। जब चूहों का शोर बहुत बढ़ गया, तो कैस्पियन धीरे से अपने ठिकाने से बाहर आया। उसने कोई हमला नहीं किया, बस अपना फन उठाया और एक हल्की सी फुफकार छोड़ी। कैस्पियन की उस शांत लेकिन प्रभावशाली उपस्थिति को देखते ही चूहों का सारा शोर थम गया। जो चूहे अभी तक गरज रहे थे, वे डर के मारे कांपने लगे। वे समझ गए कि उनका शोर उस शांत शक्ति के सामने कुछ भी नहीं है। सभी चूहे अपनी जान बचाकर वहाँ से भाग खड़े हुए।
लियो ने दूर से यह सब देखा और मुस्कुराया, क्योंकि वह जानता था कि असली ताकत चिल्लाने में नहीं, बल्कि व्यक्तित्व में होती है।