एक सुंदर पहाड़ी गाँव में लियो नाम का एक लड़का रहता था। वह गाँव के रक्षकों को देखकर बड़ा हुआ था। एक दिन, बैरन नाम का एक घमंडी डाकू अपने गिरोह के साथ गाँव की सीमा पर आ पहुँचा। बैरन को अपनी ताकत पर बहुत नाज था और उसे लगता था कि उसे कोई नहीं रोक सकता।
गाँव के बुजुर्ग, साइलस ने लियो को अपने पास बुलाया। साइलस ने कहा, 'लियो, दुश्मन हमारे नेता के सामने खड़े होने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन वे भूल जाते हैं कि जो लोग एक सच्चे नेता के सामने बाधा बनने की कोशिश करते हैं, वे अंत में मूर्तियों की तरह जड़ होकर रह जाते हैं।'
बैरन ने गाँव के द्वार पर आकर चुनौती दी। उसने सोचा कि वह आसानी से गाँव वालों को हरा देगा। लेकिन साइलस ने अपने रक्षकों को बहुत ही अनुशासन और रणनीति के साथ तैयार किया था। बैरन अपने अहंकार में आकर सीधे नेता पर हमला करने के लिए आगे बढ़ा। लेकिन गाँव वालों की संगठित शक्ति और रणनीति के सामने उसका घमंड टूट गया। वह अपनी ताकत दिखाने के चक्कर में बुरी तरह हार गया और उसे पीछे हटना पड़ा।
लियो ने आज एक बड़ी बात सीखी: जो लोग साहस के बजाय अहंकार में आकर नायक का रास्ता रोकना चाहते हैं, वे अंत में केवल हार का सामना करते हैं।