एक सुंदर से गाँव में अर्जुन नाम का एक लड़का रहता था। उसका सबसे पक्का दोस्त रोहन था। दोनों हमेशा साथ खेलते थे। अर्जुन एक अमीर परिवार से था, इसलिए उसके पास बहुत सारे खिलौने और मिठाइयाँ होती थीं। रोहन हमेशा अर्जुन के साथ खुश रहता था।
लेकिन एक समय ऐसा आया जब अर्जुन के पिता का व्यापार पूरी तरह डूब गया। अर्जुन का परिवार बहुत गरीब हो गया। अब उसके पास न खिलौने थे और न ही मिठाइयाँ। अर्जुन बहुत दुखी था। उसने रोहन से मदद मांगी और साथ खेलने को कहा, लेकिन रोहन ने कहा, 'अब तुम गरीब हो गए हो, तुम्हारे साथ रहने से मेरी इज्जत कम हो जाएगी।' रोहन ने अर्जुन का साथ छोड़ दिया।
कई साल बीत गए। अर्जुन ने कड़ी मेहनत की और एक बहुत बड़ा और सफल आदमी बना। जब वह बूढ़ा हुआ और बीमारी की वजह से बिस्तर पर था, तब उसे अपने पुराने दिन याद आए। उसके पास अब बहुत धन था, लेकिन जब भी उसे रोहन की याद आती, जो मुश्किल समय में उसे छोड़ गया था, उसका दिल जलने लगता था। वह धोखा उसके जीवन के अंतिम क्षणों में भी उसे कचोटता रहा।