एक सुंदर से गाँव में अर्जुन और लियो नाम के दो पक्के दोस्त रहते थे। अर्जुन एक संपन्न परिवार से था, जबकि लियो बहुत ही साधारण स्वभाव का था। दोनों बचपन से ही साथ-साथ पले-बढ़े थे। एक दोपहर, अर्जुन अपनी नई साइकिल चला रहा था। लियो उसके पास चल रहा था और उसने अर्जुन को संभालने के लिए साइकिल के हैंडल को हल्का सा छुआ। यह देखकर पास खड़े कुछ बच्चों ने उसका मज़ाक उड़ाया, 'ए लियो! तुम अर्जुन की साइकिल क्यों छू रहे हो? यह तुम्हारी नहीं है!'
अर्जुन एक पल के लिए हिचकिचाया, लेकिन फिर उसने लियो की ओर देखा और मुस्कुराते हुए कहा, 'लियो मेरा सबसे अच्छा दोस्त है। हमारी दोस्ती की वजह से उसे मेरी चीज़ों को छूने और इस्तेमाल करने का पूरा अधिकार है।' अर्जुन की बात सुनकर बच्चे चुप हो गए। अर्जुन ने यह साबित कर दिया कि सच्चे दोस्त वही होते हैं जो दोस्ती की निकटता के कारण मिलने वाले छोटे-छोटे अधिकारों को खुशी-खुशी स्वीकार करते हैं।