एक शांत गाँव में कदिर नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत सीधा था और हर किसी पर बहुत जल्दी भरोसा कर लेता था। एक दिन स्कूल से लौटते समय उसकी मुलाकात सोमू नाम के एक लड़के से हुई। सोमू बहुत मीठा बोलता था और देखने में बहुत अच्छा लगता था।
सोमू ने कदिर से कहा, 'कदिर, क्या तुम मुझे अपना नया पेन और खिलौना दे सकते हो? मैं वादा करता हूँ कि कल वापस कर दूँगा।' कदिर के मन में थोड़ा संशय था, लेकिन उसने सोमू की बातों में आकर अपनी चीज़ें दे दीं। पर सोमू ने सामान वापस नहीं किया और वह गायब हो गया। कदिर बहुत दुखी हुआ।
उसके दोस्त रवि ने उसे समझाया, 'कदिर, एक मूर्खतापूर्ण निर्णय तुम्हें लंबे समय तक पछतावे में डाल सकता है। गलत इंसान पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।' कदिर को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सीखा कि बिना सोचे-समझे किया गया एक काम जीवन भर की शांति छीन सकता है।